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धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत संस्थाओं के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में, वन अधिकार अधिनियम को मिलेगी रफ्तार..

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बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में जनजातीय समुदाय के समग्र विकास और उन्हें भू-अधिकार दिलाने की दिशा में ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DA-JGUA)’ के तहत तेजी से कार्य किया जा रहा है। जिले में वन अधिकार अधिनियम (FRA) के प्रभावी एवं पारदर्शी क्रियान्वयन और मैदानी स्तर पर तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए सक्षम स्थानीय संस्थाओं, नागरिक समाज संगठनों (CSOs) और गैर-सरकारी संगठनों के चयन की प्रक्रिया कलेक्ट्रेट शाखा (आदिवासी विकास) द्वारा अंतिम चरण में पहुंच गई है।

​पारदर्शी क्रियान्वयन और तकनीकी सहायता पर जोर

​आदिवासी विकास विभाग के अनुसार, वनांचल क्षेत्रों में पात्र जनजातीय परिवारों को उनके व्यक्तिगत एवं सामुदायिक वन अधिकार पत्र दिलाने और जमीनी दस्तावेजीकरण में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं को दूर करने के लिए तकनीकी सहयोग की आवश्यकता होती है। चयन प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ये संस्थाएं सीधे ग्राम स्तर पर जाकर हितग्राहियों का चिन्हांकन, मैपिंग और आवेदन प्रक्रियाओं को सुगम बनाने में सहयोग करेंगी।

​’धरती आबा अभियान’ के तहत मिलेंगी प्रमुख सुविधाएं:

​वन अधिकार पत्रों का शीघ्र निपटारा: पात्र हितग्राहियों के दावों का त्वरित सत्यापन और निष्पादन।​समुदाय आधारित विकास: वनाधिकार प्राप्त भूमि पर आजीविका संवर्धन, कृषि सुधार और बुनियादी ढांचा विकास।​जागरूकता शिविर: सुदूर ग्रामीण एवं पहाड़ी क्षेत्रों में विशेष शिविरों का आयोजन कर जनजातीय परिवारों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना।​कलेक्टर सह जिला प्रशासन की निगरानी किया जा रहा है

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