नवरात्रि के दौरान तहसील परिसर में लगाए गए सूचना-पट्ट को लेकर विवाद, स्थानांतरण की मांग; मांग पूरी नहीं होने पर नगर बंद, चक्काजाम और तहसील घेराव की चेतावनी
बलरामपुर जिले के कुसमी तहसील कार्यालय में नायब तहसीलदार द्वारा शारदीय नवरात्रि के दौरान लगाए गए एक सूचना-पट्ट को लेकर विवाद गहरा गया है। सूचना-पट्ट पर लिखे संदेश को लेकर सकल हिंदू समाज और दुर्गा पूजा समितियों ने कड़ी आपत्ति जताई है। समाज के प्रतिनिधियों ने एसडीएम बालेश्वर राम को कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपते हुए नायब तहसीलदार अनुग्रह केरकेट्टा को 48 घंटे के भीतर कुसमी तहसील से अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है।
सूचना-पट्ट के संदेश पर जताई आपत्ति
तहसील कार्यालय के मुख्य द्वार पर लगाए गए सूचना-पट्ट पर लिखा था कि तहसील परिसर में भिक्षा एवं चंदा मांगने वालों का प्रवेश वर्जित है। सकल हिंदू समाज और दुर्गा पूजा समितियों का आरोप है कि शारदीय नवरात्रि जैसे धार्मिक पर्व के दौरान इस तरह का संदेश प्रदर्शित किए जाने से समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। इस मामले को लेकर नगर में नाराजगी देखी जा रही है।
48 घंटे में स्थानांतरण की मांग, आंदोलन की चेतावनी
ज्ञापन में नायब तहसीलदार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें कुसमी से अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की गई है। समाज के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि 48 घंटे के भीतर मांग पूरी नहीं हुई तो नगर बंद, चक्काजाम और तहसील कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
इस चेतावनी के बाद मामले को लेकर प्रशासन के अगले कदम पर नजरें टिकी हुई हैं।
सूचना-पट्ट को तत्काल मिटवाया गया
मिली जानकारी के अनुसार, नवरात्रि के दौरान तहसील कार्यालय के मुख्य द्वार पर यह सूचना-पट्ट लिखवाया गया था। मामला संज्ञान में आने के बाद सूचना-पट्ट पर लिखे संदेश को कर्मचारियों के माध्यम से पेंट कर मिटवा दिया गया। हालांकि, तब तक इसकी तस्वीर और संदेश नगर में चर्चा का विषय बन चुके थे और सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हो गए थे।
जांच के बाद ही हो कार्रवाई, उठे निष्पक्ष जांच के सवाल
इस पूरे मामले में यह भी जरूरी है कि सूचना-पट्ट किन परिस्थितियों में लगाया गया था और क्या इसे लगाने के लिए किसी वरिष्ठ अधिकारी या संबंधित प्राधिकारी से आदेश प्राप्त हुआ था, इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए। सूचना-पट्ट लगाए जाने के पीछे की परिस्थितियों, जिम्मेदारी और संबंधित अधिकारी के पक्ष को स्पष्ट किए बिना किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा.
प्रशासन को चाहिए कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों का पता लगाए और जांच में जो भी जिम्मेदारी तय हो, उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करे। इससे एक ओर समाज की भावनाओं से जुड़े विषय पर उचित संज्ञान लिया जा सकेगा, वहीं दूसरी ओर संबंधित अधिकारी को भी अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान ये रहे उपस्थित
ज्ञापन सौंपने के दौरान नगर पंचायत उपाध्यक्ष आनंद जायसवाल, दुर्गा पूजा समिति अध्यक्ष जन्मजय सिंह, मां समलेश्वरी दुर्गा पूजा समिति अध्यक्ष जशवंत गुप्ता, मां भवानी समिति के विनय यादव, गोपाल गुप्ता, संजय गुप्ता, राजेश्वर गुप्ता, प्रदीप कश्यप, सुनील गुप्ता, बालेश्वर नायक, पार्षद पारसनाथ पाल, अमित सिंह (भोलू) सहित समाज के अन्य प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में जांच कर क्या कदम उठाता है और सकल हिंदू समाज की मांग पर क्या निर्णय लिया जाता है।















