रायपुर, छत्तीसगढ़ | {मेघा तिवारी ब्युरो}
बेटी का जन्म बोझ नहीं, बल्कि परिवार के लिए गौरव और खुशियों का अवसर है। इसी संदेश को समाज तक पहुंचाने के उद्देश्य से सामाजिक संस्था नवसृजन मंच ने अपना 13वां बिटिया जन्मोत्सव आयोजित किया। नवरात्रि के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में 251 नन्हीं बेटियों का कन्या पूजन कर उनके माता-पिता को सम्मानित किया गया। वहीं, विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 9 महिलाओं को ‘नवशक्ति सम्मान’ प्रदान किया गया।
कार्यक्रम में 10 दिन से लेकर 6 माह तक की नन्हीं बच्चियों की किलकारियों से पूरा सभागार गूंज उठा। आयोजन के माध्यम से बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने, महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने और समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने का संदेश दिया गया।
13 वर्षों से बेटियों के सम्मान की पहल
नवसृजन मंच पिछले 13 वर्षों से बिटिया जन्मोत्सव के माध्यम से बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करने और उनके माता-पिता को सम्मानित करने की पहल कर रहा है। संस्था का उद्देश्य है कि प्रत्येक परिवार बेटी के जन्म को खुशी और गौरव के साथ स्वीकार करे।
आयोजकों के अनुसार, इस पहल के माध्यम से अब तक हजारों परिवारों को सम्मानित किया जा चुका है। इस वर्ष भी समारोह में बड़ी संख्या में परिवार शामिल हुए और बेटियों के सम्मान का संदेश दिया गया।
प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति में हुआ आयोजन
कार्यक्रम में महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू, छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष एवं नवसृजन मंच के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा, महिला मोर्चा की अध्यक्ष विभा अवस्थी तथा ITSA हॉस्पिटल के संचालक सतीश बालानी प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
अतिथियों ने बेटियों के जन्म को उत्सव के रूप में मनाने और उनके माता-पिता को सार्वजनिक रूप से सम्मानित करने की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में बेटियों के प्रति सम्मान, समानता और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
251 नन्हीं बेटियों का कन्या पूजन, माता-पिता को सम्मानपत्र
समारोह का शुभारंभ कन्या पूजन के साथ हुआ। इस दौरान 251 नन्हीं बेटियों की आरती उतारी गई और उन्हें माता की चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया गया। मां दुर्गा का स्वरूप धारण किए हाथों में त्रिशूल थामे एक नन्हीं बच्ची कार्यक्रम के आकर्षण का केंद्र रही।
बेटियों के माता-पिता को सम्मानपत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। साथ ही प्रत्येक परिवार को बेबी किट भेंट की गई। इसमें फ्रॉक, साबुन, पाउडर, खिलौने, मच्छरदानी सहित बच्चियों के शुरुआती लालन-पालन में उपयोगी सामग्री शामिल थी।
नौ महिलाओं को मिला ‘नवशक्ति सम्मान’
समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली नौ महिलाओं को नवसृजन मंच की ओर से ‘नवशक्ति सम्मान’ प्रदान किया गया। सम्मानित महिलाओं के नाम और उनके कार्यक्षेत्र इस प्रकार हैं अनामिका सिंह राजनीति एवं चिकित्सा- अर्चना झा पुलिस सेवा डॉ. रोशनी राठौर चिकित्सा
सोनिया साहू समाजसेवा- प्रतिभा शर्मा मास्टरशेफ एवं पाककला
मानसी टांडी खेल- डॉ. ज्योति साहू योग- ममता – अदिति दुबे — कृषि
इन महिलाओं को सम्मानित कर विभिन्न क्षेत्रों में उनके योगदान, प्रतिभा और उपलब्धियों को पहचान देने का प्रयास किया गया। संस्था ने इस सम्मान के माध्यम से संदेश दिया कि महिलाएं समाज के हर क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
मातृ एवं शिशु पोषण पर दी गई जानकारी
कार्यक्रम के दौरान आहार विशेषज्ञ ने माताओं को प्रसव के बाद संतुलित आहार, पोषण और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रसव के बाद मां और शिशु दोनों के स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है।
माताओं को पौष्टिक भोजन, जरूरी पोषक तत्वों और नियमित स्वास्थ्य देखभाल के प्रति जागरूक किया गया। विशेषज्ञ ने कहा कि मां का बेहतर स्वास्थ्य शिशु के समुचित विकास की मजबूत नींव है।
सरकारी योजनाओं की जानकारी के लिए हेल्प डेस्कबिटिया जन्मोत्सव में परिवारों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से हेल्प डेस्क और स्टॉल लगाए गए।
इनके माध्यम से सुकन्या समृद्धि योजना, नोनी योजना, मातृत्व संबंधी योजनाओं और अन्य पात्रता आधारित शासकीय योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया। इसके अलावा डाकघर की शाखा की ओर से शिविर लगाकर नन्हीं बच्चियों के आधार कार्ड बनाने की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।
इस पहल का उद्देश्य बेटियों के परिवारों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देना, जरूरी दस्तावेज बनवाने में सहायता करना और पात्र हितग्राहियों तक शासकीय सुविधाओं की जानकारी पहुंचाना रहा।
अमरजीत सिंह छाबड़ा ने बताई संस्था की 13 वर्षों की यात्रा
नवसृजन मंच के अध्यक्ष एवं छत्तीसगढ़ राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा ने अध्यक्षीय उद्बोधन में संस्था की 13 वर्षों की यात्रा और वर्षभर संचालित सामाजिक गतिविधियों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि बिटिया जन्मोत्सव केवल सम्मान समारोह नहीं, बल्कि समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाने का अभियान है। बेटी के जन्म पर परिवार को बधाई देना, माता-पिता का सम्मान करना और नवजात बच्चियों के पालन-पोषण में सहयोग देना इस पहल का मूल उद्देश्य है।
उन्होंने कहा कि संस्था शिक्षा, महिला सशक्तीकरण, सामाजिक जागरूकता और जनसेवा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है
संस्था के पदाधिकारी और सदस्य रहे मौजूद
कार्यक्रम का संयुक्त संचालन कांतिलाल जैन एवं डॉ. प्रीति सतपथी ने किया। इस अवसर पर संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. देवाशीष मुखर्जी, किशोर महानंद, मनीषा सिंह, डॉ. रश्मि चावरे, यूलेंद्र राजपूत, विनय शर्मा, नरेश नामदेव, निधि झा, शकुंतला श्रीवास, सुनीता पाठक, सुकृत एवं आलोक शर्मा सहित संस्था के सदस्य और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
समारोह के समापन पर कन्या भोज का आयोजन किया गया, जिसमें प्रसाद स्वरूप चना, पूड़ी और हलवा वितरित किया गया।
बिटिया जन्मोत्सव के माध्यम से नवसृजन मंच ने एक बार फिर संदेश दिया कि बेटी का जन्म खुशियों का अवसर है। बेटियों को सम्मान, समान अवसर और बेहतर भविष्य देना ही एक सशक्त समाज की पहचान है।














