बलरामपुर। स्कूल में पहुंचकर वीडियो बनाने और शिक्षक पर कथित तौर पर दबाव बनाने के मामले में YouTuber दीपक यादव समेत तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद मामला और गरमा गया है। शिकायत के बाद दर्ज पुलिस केस ने अब सोशल मीडिया पर खबरें बनाने वाले इन लोगों की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिक्षक की शिकायत के आधार पर पस्ता थाना पुलिस ने दीपक यादव, श्रवण यादव और सूर्या यादव के खिलाफ मामला दर्ज किया है। शिकायत में 10 हजार रुपये की मांग, रुपये नहीं देने पर वीडियो वायरल करने की धमकी और शासकीय कार्य में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
FIR के बाद कहां हैं दीपक यादव और कैमरामैन?
मामले में FIR दर्ज होने के बाद दीपक यादव और उनके साथ मौजूद कैमरामैन के कथित तौर पर फरार होने की बात सामने आ रही है। हालांकि, पुलिस ने आधिकारिक तौर पर उनकी गिरफ्तारी या फरारी की पुष्टि की है या नहीं, यह जांच का विषय है। ऐसे में अब निगाहें पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।
कैमरे के सामने आरोप, अब पुलिस जांच के घेरे में
जिस कैमरे के जरिए स्कूल की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया गया, वही वीडियो अब पूरे विवाद की अहम कड़ी बन सकता है। पुलिस जांच में वीडियो फुटेज, मोबाइल रिकॉर्डिंग, बातचीत और शिकायत में लगाए गए आरोपों की पड़ताल की जा सकती है।
सवाल यह भी उठ रहा है कि सोशल मीडिया पर खबर दिखाने के नाम पर किसी सरकारी कर्मचारी पर दबाव बनाना कहां तक जायज है? यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो मामला महज वीडियो बनाने तक सीमित नहीं रहेगा।
FIR के बाद बढ़ी मुश्किल
पस्ता पुलिस ने अपराध क्रमांक 44/2026 के तहत BNS की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। अब पुलिस की जांच यह तय करेगी कि शिकायत में लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है और घटनास्थल पर वास्तव में क्या हुआ था।
फिलहाल दीपक यादव और अन्य आरोपियों का पक्ष सामने आना बाकी है। पुलिस की कार्रवाई और आरोपियों की मौजूदगी या गिरफ्तारी के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर और साफ हो सकेगी।














