भरूहीबांस में शिक्षक के निलंबन को लेकर बवाल, बच्चों ने लगाया गलत शिकायत और जांच का आरोप: DEO बोले- मामले की जांच जारी, दोषियों पर होगी कार्रवाई
बलरामपुर@ जिले के भरूहीबांस क्षेत्र में शिक्षक के निलंबन को लेकर अब मामला गंभीर रूप लेता दिखाई दे रहा है। शिक्षक मनोज गुप्ता की बहाली की मांग को लेकर 27 छात्र-छात्राओं ने पढ़ाई का बहिष्कार कर सड़क किनारे टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया है। बच्चों के इस कदम से शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक के निलंबन को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
गुरुवार सुबह से ही छात्र-छात्राएं स्कूल जाने के बजाय सड़क किनारे लगाए गए टेंट में बैठकर विरोध जता रहे हैं। बच्चों का कहना है कि जब तक मनोज गुप्ता सर को बहाल नहीं किया जाता, वे स्कूल नहीं जाएंगे। कुछ छात्रों ने तो यहां तक लिखकर अपनी नाराजगी जाहिर की है कि वे स्कूल से अपना नाम कटवा लेंगे।
छात्रों ने हाथ से लिखकर दिया बयान
छात्र-छात्राओं ने 03 सितंबर 2026 को अपने हाथ से लिखे बयान में आरोप लगाया है कि श्रीमती पुष्पा मैडम और वंदना एक्का मैडम द्वारा मनोज गुप्ता के खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए हैं। बच्चों ने अपने बयान में शिक्षक मनोज गुप्ता को अच्छा शिक्षक बताते हुए कहा है कि वे बेहतर तरीके से पढ़ाते-लिखाते हैं और इस संबंध में कई बार अपनी बात रख चुके हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई।
छात्रों के सड़क किनारे टेंट में बैठने के कारण स्कूल में पढ़ाई प्रभावित होने की स्थिति भी सामने आई है। जिस समय विद्यालय में बच्चों की कक्षाएं लगनी चाहिए थीं, उस समय छात्र धरने पर बैठे नजर आए।
क्या है पूरा मामला?
जिला शिक्षा अधिकारी के अनुसार भरूहीबांस का मामला उस समय सामने आया था, जब दो शिक्षिकाओं ने कलेक्टर जनदर्शन में शिक्षक मनोज गुप्ता के खिलाफ शिकायत की थी। शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराई गई और इसके बाद शिक्षक मनोज गुप्ता के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई हुई।
वहीं ग्रामीणों की ओर से आरोप लगाया जा रहा है कि जांच के दौरान शिकायत स्थल पर पहुंची टीम ने ग्रामीणों की बात ठीक से नहीं सुनी और एकतरफा या गलत जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक को निलंबित किया गया। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
दो शिक्षिकाओं को संलग्नीकरण से अलग करने पर भी नाराजगी
मामले में एक और बात सामने आई है। ग्रामीणों के अनुसार विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा दोनों शिक्षिकाओं को भरूहीबांस से संलग्न कर अलग किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में संलग्नीकरण पर प्रतिबंध होने के बावजूद ऐसी कार्रवाई क्यों की गई, इसे लेकर भी गांव में नाराजगी है।
DEO बोले- जांच जारी, दोषियों पर होगी कार्रवाई
इस पूरे मामले पर जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि भरूहीबांस में शिक्षक मनोज गुप्ता के खिलाफ दो शिक्षिकाओं की शिकायत के बाद कार्रवाई हुई थी। अब ग्रामीणों और बच्चों की ओर से शिक्षक की बहाली की मांग सामने आई है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल 27 छात्र-छात्राओं के पढ़ाई छोड़कर सड़क किनारे धरने पर बैठने से मामला तूल पकड़ चुका है। अब देखने वाली बात होगी कि प्रशासन की जांच में आखिर शिकायत, जांच और शिक्षक के निलंबन की पूरी कहानी में सच्चाई क्या निकलकर सामने आती है और बच्चों की मांग पर विभाग क्या फैसला लेता है।














