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वर्दी के पीछे छिपे बलिदान की कहानी… पुलिस स्मृति दिवस पर नम हुईं आंखें, शहीदों को बलरामपुर ने किया नमन…

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जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपनी जिंदगी कुर्बान कर दी, उनके परिवारों के सम्मान में रक्षित केंद्र में हुआ कार्यक्रम शहीदों की याद में गूंजा सलामी का स्वर, अपनों को खोने वाले परिवारों का दर्द भी सुना प्रशासन ने।

{विजय सिंह} @बलरामपुर कुछ कुर्बानियां ऐसी होती हैं, जिन्हें शब्दों में बयां करना आसान नहीं होता। कुछ परिवार ऐसे होते हैं, जिनके घर का कोई सदस्य देश की रक्षा करते हुए तिरंगे में लिपटकर लौटता है,,पीछे रह जाती हैं उनकी यादें, अधूरे सपने और अपनों के लौट आने की एक ऐसी उम्मीद, जो कभी पूरी नहीं हो सकती,, पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर बलरामपुर के रक्षित केंद्र में आयोजित कार्यक्रम ने एक बार फिर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिस एवं सुरक्षा बलों के जवानों की यादें ताजा कर दीं21 अक्टूबर 2026, बुधवार को रक्षित केंद्र बलरामपुर में आयोजित पुलिस स्मृति दिवस कार्यक्रम में शहीद जवानों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान शहीदों के परिजनों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम का माहौल उन वीर जवानों की स्मृतियों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान की भावना से भरा रहा, जिन्होंने देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए,,

 

कार्यक्रम की शुरुआत परेड कमांडर एवं रक्षित निरीक्षक विमलेश कुमार देवांगन द्वारा पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर को सलामी देने के साथ हुई,, इसके बाद पुलिस अधीक्षक ने देशभर में कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों के नामों का वाचन किया,, शहीदों की सम्मान सूची को स्मारक पर स्थापित कर सलामी दी गई,, उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों, गणमान्य नागरिकों और शहीद परिजनों ने स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर वीर जवानों को नमन किया।

शहीदों को सलामी, परिवारों के त्याग को सम्मान

इस अवसर पर कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने शहीद परिजनों को शाल और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया, यह सम्मान उन परिवारों के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक रहा, जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्रियजनों को खोने का असहनीय दुख सहा है। किसी जवान का बलिदान केवल एक व्यक्ति की शहादत नहीं होता, बल्कि उसके साथ एक परिवार की जिंदगी भी हमेशा के लिए बदल जाती है।

परेड के जवानों ने शहीद स्मारक के दोनों ओर से धीमी चाल में मार्च करते हुए वीर शहीदों को श्रद्धांजलि दी।श, इस दौरान हर सलामी उन जवानों के साहस, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा की याद दिलाती रही, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखा।

सिर्फ श्रद्धांजलि नहीं, शहीद परिवारों की पीड़ा सुनने की पहल भी

,कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण पहलू वह भी रहा, जब कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने शहीद परिजनों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना,अधिकारियों ने समस्याओं का यथासंभव शीघ्र निराकरण करने का आश्वासन दिया। इसके बाद शहीद परिजनों को सम्मानपूर्वक उनके निवास तक पहुंचाने की व्यवस्था की गई

कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी, पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, प्रशासनिक अधिकारी, पत्रकारगण और अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

शहादत को सलाम, परिवारों के त्याग को नमनपुलिस स्मृति दिवस हमें याद दिलाता है कि देश की सुरक्षा केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी निभाते हुए भी अनेक जवान अपने प्राणों की आहुति देते हैं। उनके बलिदान को याद करना और उनके परिवारों के प्रति संवेदनशील रहना समाज की जिम्मेदारी है।

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