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रिचार्ज टैंक तोड़कर बना दी बॉक्साइट परिवहन की सड़क, बालाजी मार्बल एंड टाइल्स कंपनी फिर सुर्खियों में…

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बलरामपुर/कुसमी। बलरामपुर जिले के कुसमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सेरंगदाग में संचालित बॉक्साइट उत्खनन गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत सेरंगदाग के सेंबरकोना में वर्षों पहले निर्मित रिचार्ज पानी टैंक को बॉक्साइट उत्खनन कंपनी बालाजी मार्बल एंड टाइल्स कंपनी द्वारा ग्राम पंचायत की अनुमति के बिना तोड़ दिया गया। इसके बाद टैंक के स्थान पर बॉक्साइट वाहनों के आवागमन के लिए सड़क का निर्माण कर दिया गया।

ग्रामीणों के अनुसार उक्त रिचार्ज टैंक का निर्माण करीब 12 से 15 वर्ष पूर्व कृषि विभाग द्वारा कराया गया था। इसका उद्देश्य बारिश के पानी को रोकना तथा आसपास के खेतों में सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराना था। ऐसे में टैंक को तोड़कर उसके ऊपर सड़क बनाए जाने से ग्रामीणों के बीच जल संरक्षण और कृषि उपयोगिता को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

पंचायत की अनुमति के बिना कार्रवाई का आरोप

ग्राम पंचायत सेरंगदाग के सरपंच अजीत कुमार ने कंपनी पर मनमानी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पंचायत की अनुमति लिए बिना वर्षों से निर्मित पानी टैंक को कंपनी ने अपने व्यावसायिक हित में क्षतिग्रस्त कर दिया और उसके स्थान पर बॉक्साइट परिवहन के लिए सड़क बना दी।

सरपंच के मुताबिक यह केवल एक निर्माण को हटाने का मामला नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीणों के लिए जल संरक्षण और कृषि से जुड़ा महत्वपूर्ण संसाधन भी प्रभावित हुआ है। उनका कहना है कि यदि सार्वजनिक उपयोग से जुड़े किसी निर्माण को हटाया या उसमें बदलाव किया जाना था, तो संबंधित विभाग और ग्राम पंचायत से अनुमति तथा आवश्यक प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए था।

कृषि विभाग को भी नहीं थी जानकारी

मामले में जब वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी रीझन एक्का से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्हें जानकारी अभी प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि मामले को दिखवाया जाएगा।

कृषि विभाग के अधिकारी के इस बयान के बाद यह सवाल भी उठ रहा है कि यदि रिचार्ज टैंक वास्तव में कृषि विभाग द्वारा निर्मित कराया गया था, तो उसे किसकी अनुमति से तोड़ा गया और उसके स्थान पर सड़क निर्माण की अनुमति किस स्तर से दी गई।

कंपनी प्रबंधन ने कही बाद में जानकारी देने की बात

मामले को लेकर कंपनी के मैनेजर से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया। इस पर उन्होंने बताया कि वे फिलहाल बलरामपुर में हैं और वापस आने के बाद इस संबंध में बात करेंगे। कंपनी की ओर से फिलहाल रिचार्ज टैंक तोड़े जाने और सड़क निर्माण को लेकर विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है।

जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति

पूरे मामले में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि रिचार्ज टैंक का निर्माण किस योजना और किस विभाग के माध्यम से कराया गया था, वह किसके अधिकार क्षेत्र में था तथा उसे तोड़ने के लिए कंपनी ने किसी विभाग अथवा ग्राम पंचायत से अनुमति ली थी या नहीं। साथ ही, यदि टैंक सार्वजनिक अथवा कृषि उपयोग के लिए निर्मित था, तो उसे हटाने की प्रक्रिया और उसके स्थान पर सड़क निर्माण की वैधानिकता की भी जांच आवश्यक है।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बॉक्साइट उत्खनन और परिवहन से जुड़े कार्यों के बीच जल संरक्षण से संबंधित संरचनाओं को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन और संबंधित विभाग की जांच पर है कि मामले में क्या कार्रवाई की जाती है और क्षतिग्रस्त रिचार्ज टैंक को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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