बलरामपुर। जिले में बिना अनुमति संचालित क्लीनिकों और स्वास्थ्य सेवाओं में नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्ती तेज कर दी है। कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देश पर शनिवार को राजस्व, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की संयुक्त टीमों ने बलरामपुर और राजपुर क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए अवैध क्लीनिक एवं मेडिकल स्टोर को सील कर दिया।
बलरामपुर विकासखंड के ग्राम जवाहरनगर में विजय मल्लिक के परिसर में संचालित क्लीनिक की जांच के दौरान टीम को बड़ी मात्रा में एक्सपायरी डेट की दवाइयां और इंजेक्शन मिले। मौके पर पहुंचे मरीजों के बयान भी लिए गए। बरामद दवाइयों और इंजेक्शन को जब्त कर स्वास्थ्य विभाग के सुपुर्द किया गया और क्लीनिक को तत्काल सील कर दिया गया।
इसी कार्रवाई के दौरान दामोदरपुर (तातापानी) में प्रदीप कुमार दास द्वारा संचालित एएचपी क्लीनिक की भी जांच की गई। क्लीनिक के संचालन से संबंधित दस्तावेजों और वैधानिक अनुमति की जांच में अनियमितता पाए जाने पर प्रशासन ने उसे भी सील कर दिया।
वहीं, राजपुर अनुविभाग के ग्राम चरगढ़ में दीनानाथ द्वारा संचालित क्लीनिक का भी संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया। आवश्यक दस्तावेज और वैधानिक अनुमति नहीं पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए क्लीनिक को सील किया गया।
प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध तरीके से चिकित्सा सेवाएं संचालित करने वालों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में अवैध क्लीनिक, झोलाछाप चिकित्सा गतिविधियों और नियमों के विपरीत दवाइयों के भंडारण एवं बिक्री पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बिना वैध अनुमति स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करने अथवा दवाइयों से जुड़े नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। आम लोगों से भी अपील की गई है कि इलाज के लिए केवल पंजीकृत स्वास्थ्य संस्थानों और योग्य चिकित्सकों की सेवाएं लें तथा संदिग्ध चिकित्सा गतिविधियों की सूचना संबंधित विभाग को दें।















