CMDC कंपनी की बांक्साईट खनन पर अपनी मुख्य मांग को लेक चंदन गुप्ता एंव नितेश गुप्ता जमीरापाठ ने SDM को सौंपा ज्ञापन

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बलरामपुर{कुसमी} ग्राम पंचायत जमीरापाठ में CMDC कंपनी द्वारा शुरू किए जा रहे बॉक्साइट उत्खनन कार्य को लेकर स्थानीय ग्रामीणों और बेरोजगार युवाओं ने रोजगार में प्राथमिकता दिए जाने की मांग उठाई है। ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी कुसमी को आवेदन सौंपकर परियोजना में स्थानीय लोगों की उपेक्षा किए जाने का आरोप लगाते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव में बॉक्साइट उत्खनन शुरू होने की जानकारी से स्थानीय युवाओं और मजदूर परिवारों को उम्मीद थी कि उन्हें अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा। लेकिन कार्य शुरू होने के साथ ही कथित तौर पर बाहर से मजदूर, मुंशी एवं मैनेजर लाकर काम कराया जा रहा है। इससे स्थानीय बेरोजगार युवाओं और ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ रही है।

हमारे क्षेत्र में काम, तो रोजगार में भी मिले प्राथमिकता

ग्रामीणों का कहना है कि जब उनके क्षेत्र की जमीन और प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग परियोजना के लिए किया जा रहा है, तो रोजगार के अवसरों में स्थानीय लोगों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उनका कहना है कि क्षेत्र के अनेक युवा रोजगार की तलाश में दूसरे शहरों और राज्यों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं, ऐसे में गांव में शुरू हो रही परियोजना स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर बन सकती है।

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे विकास और उत्खनन कार्य के विरोध में नहीं हैं, बल्कि चाहते हैं कि विकास प्रक्रिया में स्थानीय जनता की भागीदारी सुनिश्चित हो और परियोजना का लाभ सबसे पहले प्रभावित एवं आसपास के ग्रामीण परिवारों तक पहुंचे।

       प्रशासन से छह प्रमुख मांगें

ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थानीय युवाओं एवं मजदूरों को रोजगार में प्राथमिकता देने, बाहर से लाए गए कर्मचारियों की जानकारी एवं नियुक्ति प्रक्रिया की जांच करने, स्थानीय बेरोजगार युवाओं की सूची तैयार कर योग्यता के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने तथा कंपनी एवं ग्रामीणों के बीच प्रशासन की मौजूदगी में बैठक कराने की मांग की है।

इसके अलावा ग्रामीणों ने परियोजना से प्रभावित लोगों के हितों और अधिकारों की अनदेखी नहीं होने तथा भविष्य की भर्ती एवं मजदूरी संबंधी कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग भी की है।

      रोजगार को बताया गांव के युवाओं के भविष्य का सवाल

 ग्रामीणों ने कहा है कि यह केवल रोजगार का विषय नहीं, बल्कि गांव के युवाओं के भविष्य, सम्मान और उनके अधिकारों से जुड़ा मुद्दा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल उचित पहल करने और स्थानीय युवाओं एवं मजदूरों को रोजगार में प्राथमिकता दिलाने की मांग की है।

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