बलरामपुर.छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के प्रांतीय आह्वान पर मंगलवार को बलरामपुर जिले में शिक्षकों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों और समस्याओं को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिले के अलग-अलग विकासखंडों से पहुंचे हजारों शिक्षकों ने रैली निकालकर शासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को 5 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा।
शिक्षक संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आयोजित इस आंदोलन में TET की अनिवार्यता, पदोन्नति, पूर्ण पेंशन, वेतन विसंगति, भर्ती–पदोन्नति नियमों और विभागीय ब्रिज कोर्स जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। शिक्षकों ने कहा कि वर्षों से लंबित उनकी मांगों का अब जल्द निराकरण होना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन संतोष कुमार गुप्ता ने किया। विशाल सभा को संबोधित करते हुए जिला संयोजक पवन सिंह ने कहा कि शिक्षक अपने जायज अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी एकजुटता के साथ मैदान में उतर चुके हैं। उन्होंने कहा कि यदि शासन ने समय रहते मांगों का निराकरण नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
TET की अनिवार्यता से छूट और पदोन्नति की मांग
मोर्चा ने 17 अगस्त 2012 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त कर वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति देने की मांग की है। वहीं 17 अगस्त 2012 के बाद सेवारत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई है।
पूर्व सेवा अवधि की गणना कर पूर्ण पेंशन देने की मांग
शिक्षकों ने अपनी पूर्व सेवा अवधि की गणना कर पूर्ण पेंशन की पात्रता प्रदान करने की मांग की है। मोर्चा का कहना है कि पूर्व सेवा की गणना नहीं होने से लंबे समय से सेवाएं दे रहे शिक्षकों को उनके अधिकारों का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
वेतन विसंगति दूर करने की मांग
ज्ञापन में शिक्षक संवर्ग की वेतन विसंगति को दूर करते हुए केंद्रीय वेतनमान के आधार पर वेतन निर्धारण करने की मांग भी की गई है। शिक्षकों ने कहा कि वेतन संबंधी विसंगतियों का शीघ्र समाधान जरूरी है।
13 फरवरी 2026 के भर्ती–पदोन्नति नियमों पर आपत्ति
मोर्चा ने 13 फरवरी 2026 को लागू किए गए नए भर्ती एवं पदोन्नति नियमों को विसंगतियुक्त बताते हुए निरस्त करने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि इन नियमों से शिक्षक संवर्ग के हित प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए नियमों में आवश्यक सुधार किया जाना चाहिए।
विभागीय ब्रिज कोर्स की मांग
प्रशिक्षित सहायक शिक्षक, शिक्षक एवं व्याख्याता संवर्ग के लिए विभागीय स्तर पर ब्रिज कोर्स कराकर बीएड की पात्रता उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है।
आंदोलन के दौरान जिला संयोजक उपेंद्र सिंह ने कहा कि शासन को शिक्षकों की वर्षों पुरानी सेवा अवधि की गणना, वेतन विसंगति और पदोन्नति से जुड़ी बाधाओं को जल्द दूर कर शिक्षक हित में न्यायसंगत निर्णय लेना चाहिए।
रैली और प्रदर्शन के बाद मोर्चा की ओर से शिक्षा मंत्री, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, लोक शिक्षण संचालनालय के संचालक सहित संबंधित अधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में शिक्षक संवर्ग की समस्याओं के शीघ्र निराकरण और मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की गई है।इस दौरान प्रदेश एवं जिला स्तर के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रदेश सह सचिव हृषिकेश उपाध्याय, मणि यादव, जिला उपाध्यक्ष करण राम, जिला महामंत्री विशंभर दास, जिला कोषाध्यक्ष विनय गुप्ता, जिला मीडिया प्रभारी अमित सोनी, मंगल राम सहित विभिन्न विकासखंडों के अध्यक्ष, ब्लॉक संचालक और शिक्षक शामिल हुए।शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने स्पष्ट किया कि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा।















