बलरामपुर@ जिले की ग्राम पंचायत लिलौटी में पुरे गांव के भूमि स्वामियों के राजस्व रिकॉर्ड में नाम त्रुटिपूर्ण दर्ज होने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या की जानकारी राजस्व विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को मौखिक एवं लिखित रूप से दिए जाने के बावजूद अब तक रिकॉर्ड सुधार की दिशा में ठोस पहल नहीं की गई है।
ग्रामीणों के अनुसार पटवारी हल्का नंबर 14, तहसील डौरा कोचली क्षेत्र के ग्राम लिलौटी में भूमि स्वामी कृषि कार्य पर निर्भर हैं। लेकिन उनके नक्शा, खसरा, बी-1, भू-अभिलेख एवं भूईया पोर्टल में नाम गलत दर्ज होने से उन्हें लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई मामलों में पिता के नाम और सरनेम में भी त्रुटियां दर्ज हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि रिकॉर्ड में भूमि स्वामी का नाम गलत होने के कारण भूमि संबंधी कार्यों में गंभीर अड़चनें आ रही हैं। बंदोबस्त के दौरान रिकॉर्ड एवं सर्वे में हुई त्रुटियों के चलते जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र बनवाने में भी परेशानी हो रही है। वहीं धान बिक्री, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने में भी दिक्कतें सामने आ रही हैं। बैंक से ऋण लेने, भूमि विक्रय एवं नामांतरण की प्रक्रिया में भी ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पटवारी एवं तहसील कार्यालय में कई बार मौखिक और लिखित शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने प्रशासन से राजस्व रिकॉर्ड की जांच कर त्रुटियों का शीघ्र सुधार कराने की मांग की है।
जिला अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन
मामले को लेकर ग्रामीणों ने छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष बसंत कुजूर को ज्ञापन सौंपा और पूरी समस्या से अवगत कराया। जिला अध्यक्ष बसंत कुजूर ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले को जल्द ही कलेक्टर के समक्ष रखा जाएगा और राजस्व रिकॉर्ड में आवश्यक त्रुटि सुधार कराने के लिए पहल की जाएगी।















